उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 28 एमएलसी सीटों के लिए मतों की गिनती जारी; राजनीतिक दलों के दिग्गजों की किस्मत दांव पर
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों में विधान परिषद (MLC) की 28 सीटों के लिए मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतों की गिनती शुरू हो गई है। इन सभी सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान संपन्न हुआ था, जिसके बाद से उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की नजरें नतीजों पर टिकी हैं। उत्तर प्रदेश में 11, बिहार में 8, महाराष्ट्र में 5 और कर्नाटक में 4 सीटों पर हो रही इस मतगणना से विभिन्न दलों के राजनीतिक प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश: 11 सीटों पर काउंटिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों—पांच स्नातक (Graduates) और छह शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्रों—के लिए सुबह 8 बजे से सात जिलों (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर) में मतगणना शुरू हुई। इसके लिए लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झ झांसी स्नातक सीटें तथा लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीटें शामिल हैं।
मतगणना केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे और पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है। गोरखपुर समेत अन्य केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अवनीश कुमार सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना करते हुए अपनी जीत का भरोसा जताया है। वहीं, समाजवादी पार्टी के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार सुशील कुमार ने प्रशासन से पूरी निष्पक्षता और बिना किसी बाहरी दबाव के मतगणना कराने की मांग की है, ताकि संवैधानिक दायित्व का पालन हो सके। इन चुनावों को आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक ताकत की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार: 8 सीटों पर 150 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला
बिहार विधान परिषद की द्विवार्षिक चुनावों के तहत 8 सीटों पर सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती शुरू हुई। इसमें 4 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी) तथा 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण) शामिल हैं। इन सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार (स्नातक सीटों पर 90 और शिक्षक सीटों पर 60) मैदान में हैं। 23 अक्टूबर को हुए मतदान में शिक्षकों की सीटों पर 82.85% और स्नातकों की सीटों पर 53.42% मतदान दर्ज किया गया था। इन 8 मौजूदा एमएलसी का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। एनडीए गठबंधन में भाजपा ने 4 और जेडीयू ने 4 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सभी 8 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं। इस बीच, पटना मतगणना केंद्र पर आरजेडी के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार संजीव ने सीसीटीवी कैमरों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए प्रशासन की मंशा पर संदेह जताया है।
महाराष्ट्र: पुणे और अन्य डिवीजनों में महायुति और MVA की प्रतिष्ठा
महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद मंगलवार को मतगणना शुरू हुई। इसमें 3 स्नातक और 2 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं, जहां कुल 182 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चुनाव में कुल 72.96% मतदान दर्ज किया गया, जिसमें अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 92.6% मतदान हुआ। पुणे के श्री शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पुणे स्नातक और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोटों की गिनती हो रही है। इन परिणामों से सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के बीच स्नातकों और शिक्षकों के बीच प्रभाव का अंदाजा लगेगा। कई सीटों पर बागी उम्मीदवारों और गठबंधन के भीतर मतभेदों के कारण मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
कर्नाटक: 4 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा-जेडीएस गठबंधन में मुकाबला
कर्नाटक में दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक, उत्तर-पूर्व शिक्षक और बेंगलुरु शिक्षक—इन चार विधान परिषद सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना शुरू हुई। 23 अक्टूबर को हुए मतदान में दक्षिण-पूर्व स्नातक में 73.58% से लेकर उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 86.97% तक मतदान हुआ था। इन सीटों पर कुल 43 उम्मीदवार मैदान में हैं। वर्तमान में भाजपा के पास इनमें से तीन सीटें हैं, जबकि कांग्रेस अपनी एकमात्र सीट को बचाने और बढ़त बनाने के प्रयास में है। हालांकि इन परिणामों से राज्य सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इन्हें आगामी चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन के तालमेल की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।