मध्य प्रदेश के जबलपुर में वाणिज्यिक कर विभाग के एक अधिकारी के ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दमोह में पदस्थ वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के जबलपुर स्थित घर और अन्य ठिकानों पर सुबह से छापेमार कार्रवाई शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में आय के ज्ञात स्रोतों से काफी अधिक संपत्ति और व्यय का मामला सामने आने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई है।
आय से ढाई गुना से अधिक का निवेश और व्यय
लोकायुक्त पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, अधिकारी मनीष कुमार जैन की वैध आय करीब 1 करोड़ 3 लाख 73 हजार 317 रुपये आंकी गई है। इसके विपरीत, उनके और उनके परिवार के नाम पर जुटाई गई संपत्ति तथा खर्च का कुल मूल्य लगभग 3 करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपये पाया गया है। यह आंकड़ा उनकी कुल वैध आय का करीब 264.64 प्रतिशत बैठता है, जिसके बाद लोकायुक्त ने आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज कर लिया है।
परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियां
लोकायुक्त की टीमों द्वारा की जा रही जांच में अधिकारी मनीष कुमार जैन के अलावा उनकी पत्नी निधि जैन, पिता कोमल चंद जैन और मां शशि जैन के नाम पर कई अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है। दस्तावेजों के मुताबिक, जबलपुर में मनीष जैन के नाम पर 278.74 वर्ग मीटर जमीन है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 43 लाख 60 हजार 880 रुपये है। वहीं, उनकी पत्नी निधि जैन के नाम पर जबलपुर में 116.14 वर्ग मीटर के दो प्लॉट, भोपाल में 180 वर्ग मीटर जमीन पर बना बंगला, 402.41 वर्ग मीटर का एक अन्य प्लॉट और 83.18 वर्ग मीटर का एक फ्लैट पंजीकृत मिला है।
इसके अलावा सागर जिले के बंडा में उनके माता-पिता के नाम पर भी मकान और भूखंड दर्ज हैं। दस्तावेजों के अनुसार, शशि जैन के नाम पर बंडा में 92.93 वर्ग मीटर के प्लॉट पर निर्मित मकान तथा कोमल चंद जैन के नाम पर क्रमशः 91.07 वर्ग मीटर और 111.48 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बने मकानों की जानकारी सामने आई है, जिन पर लाखों रुपये की लागत आई है।
वाहन और बीमा पॉलिसियां भी जांच के दायरे में
अचल संपत्तियों के साथ-साथ लोकायुक्त टीम को परिवार के नाम पर महंगे वाहन और बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज भी मिले हैं। जांच में निधि जैन के नाम पर एक मारुति स्विफ्ट कार और एक सुजुकी एक्सेस स्कूटर दर्ज पाया गया है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 5 लाख 10 हजार रुपये है। इसके अतिरिक्त, मनीष जैन और उनके परिजनों द्वारा विभिन्न बीमा पॉलिसियों में करीब 33 लाख 93 हजार 986 रुपये का निवेश किए जाने की बात भी सामने आई है।
लोकायुक्त की तीन विशेष टीमें कर रही हैं पड़ताल
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए लोकायुक्त संगठन द्वारा तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है। पहली टीम में उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया और राहुल गजभिये शामिल हैं। दूसरी टीम का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक रेखा प्रजापति कर रही हैं, जिसमें निरीक्षक शशि मस्कुले और निरीक्षक जितेंद्र यादव भी शामिल हैं। तीसरी टीम की कमान निरीक्षक रजनी तिवारी संभाल रही हैं। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले के निर्देशन में चल रही इस रेड के दौरान मिले दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है, और जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।