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कटनी: कलेक्टर ने एसपी को बैठाया बाइक के पीछे, खुद थामी स्टेयरिंग और निकल पड़े खराब रास्ते पर

कटनी: कलेक्टर ने एसपी को बैठाया बाइक के पीछे, खुद थामी स्टेयरिंग और निकल पड़े खराब रास्ते पर

क्या आपने कभी किसी प्रशासनिक अधिकारी को एसी ऑफिस की कुर्सी छोड़कर सीधे आम जनता के बीच कीचड़ और धूल फांकते देखा है? अगर नहीं, तो मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने नौकरशाही की पारंपरिक छवि को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। यहाँ के कलेक्टर ने न सिर्फ ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से सुना, बल्कि खुद अपनी आंखों से हकीकत देखने के लिए एसपी को अपनी बाइक पर पीछे बैठाया और निकल पड़े उबड़-खाबड़ रास्तों पर।

'चलिए, चलकर देखते हैं' - कलेक्टर का यह अंदाज हुआ वायरल

यह पूरा वाकया कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अतरसूमा के ग्राम हल्का का है। राज्य शासन के 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान' के तहत क्षेत्र में एक विशेष भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान संभागायुक्त, कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनव विश्वकर्मा, डीएफओ और जिला पंचायत सीईओ समेत तमाम आला अधिकारी क्षेत्र के गांवों का दौरा कर रहे थे और आम जनता की समस्याएं सुन रहे थे।

जब काफिला बोंदा तिराहा के पास पहुंचा, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने एक बहुत ही बुनियादी लेकिन गंभीर समस्या रखी। उन्होंने बताया कि बोंदा तिराहा से बसहरा जाने वाला मार्ग पूरी तरह से कच्चा (मिट्टी और मुरूम का) है। स्थिति यह है कि हल्की बारिश में भी यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है और पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।

अधिकारियों को निर्देश देने के बजाय खुद पहुंचे धरातल पर

मतौर पर अधिकारी ऐसी शिकायतों को सुनने के बाद मातहतों को जांच के निर्देश देकर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी का अंदाज बिल्कुल अलग था। उन्होंने बिना कोई वक्त गंवाए और किसी बाबू या इंजीनियर को फाइल मंगवाने के आदेश देने के बजाय सीधे कहा— 'चलिए, चलकर देखते हैं।'

कलेक्टर के इस एक वाक्य ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया। इसके बाद जो हुआ, वह अपने आप में एक मिसाल बन गया। कलेक्टर आशीष तिवारी ने ग्रामीणों के साथ करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलकर उस बदहाल रास्ते का मुआयना किया।

एसपी को बाइक पर बैठाकर तय किया दो किलोमीटर का सफर

पैदल चलने के बाद जब आगे का रास्ता और अधिक खराब और कीचड़युक्त मिला, तो स्थिति का जायजा लेने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया गया। रास्ता इतना खराब था कि चार पहिया वाहन वहां आसानी से नहीं जा सकते थे। ऐसे में कलेक्टर ने एक ग्रामीण से उसकी मोटरसाइकिल मांगी।

  • राइडर: कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी
  • पिलियन राइडर (पीछे बैठने वाले): पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनव विश्वकर्मा
  • दूरी: करीब 2 किलोमीटर तक का उबड़-खाबड़ सफर

कलेक्टर ने खुद बाइक स्टार्ट की और एसपी अभिनव विश्वकर्मा को पीछे बैठाकर बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग की तरफ निकल पड़े। देश के किसी वीरान या ग्रामीण इलाके में राज्य के दो सबसे बड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी जब इस तरह एक आम बाइक पर सवार होकर सड़क की खाक छान रहे थे, तो इसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया, जो अब सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

पक्की सड़क के निर्माण का रास्ता साफ, दिए सख्त निर्देश

करीब दो किलोमीटर तक बाइक से सफर करने के बाद दोनों अधिकारियों को जमीनी हकीकत का पूरी तरह से अंदाजा हो गया। उन्हें समझ आ गया कि ग्रामीण क्यों इस कदर परेशान हैं। मौके पर ही स्थिति का आकलन करने के बाद कलेक्टर आशीष तिवारी ने संबंधित विभाग और पंचायत के इंजीनियरों को तुरंत तलब किया।

कलेक्टर ने कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए कि बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग को तत्काल प्रभाव से एक पक्की सड़क के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए जल्द से जल्द विस्तृत एस्टीमेट (आंकलन) तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया, ताकि बरसात आने से पहले या उसके बाद इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो सके और ग्रामीणों को हमेशा के लिए इस मुसीबत से मुक्ति मिल सके।

क्यों खास है यह प्रशासनिक कदम?

भारत के ग्रामीण इलाकों में आज भी कई ऐसी जगहें हैं जहां सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचना बाकी हैं। कई बार शिकायतें फाइलों में दबकर रह जाती हैं। ऐसे में जब एक जिला कलेक्टर और एसपी खुद अपनी गाड़ी छोड़कर, एक ग्रामीण की बाइक पर सवार होकर दो किलोमीटर तक गड्ढों और कीचड़ भरे रास्ते का निरीक्षण करते हैं, तो इससे न सिर्फ प्रशासनिक तंत्र में कसावट आती है, बल्कि जनता का शासन और प्रशासन पर भरोसा भी कई गुना बढ़ जाता है। कटनी के इस कदम ने यह साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ हो, तो समस्याओं का समाधान कागजों से निकलकर सीधे जमीन पर तेजी से उतर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: यह घटना कटनी जिले के किस क्षेत्र की है?

Ans: यह घटना कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम पंचायत अतरसूमा के ग्राम हल्का की है, जहां बोंदा तिराहा से बसहरा जाने वाले मार्ग की समस्या सामने आई थी।

Q2: बाइक किसने चलाई और पीछे कौन बैठा था?

Ans: जमीनी हालात देखने के लिए कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने खुद बाइक चलाई और उनके पीछे पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनव विश्वकर्मा बैठे थे।

Q3: अधिकारियों ने मौके पर क्या कार्रवाई की?

Ans: खराब सड़क की वास्तविक स्थिति देखने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग को पक्की सड़क बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए।

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ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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