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मायावती की मायानगरी छोड़ खेतों में उतरे ये मशहूर अभिनेता, सद्गुरु की सलाह पड़ी भारी

मायावती की मायानगरी छोड़ खेतों में उतरे ये मशहूर अभिनेता, सद्गुरु की सलाह पड़ी भारी

ग्लैमर की दुनिया जितनी चमकदार बाहर से दिखती है, अंदर से उतनी ही अनिश्चितताओं से भरी होती है। मायानगरी मुंबई में अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरने वाले एक मशहूर कलाकार ने जब अचानक शोबिज की दुनिया को अलविदा कहकर गांव की तरफ रुख किया, तो हर कोई हैरान रह गया था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि पर्दे पर अपनी अदाकारी से दिल जीतने वाला यह सितारा एक दिन खेतों में हल चलाता नजर आएगा। लेकिन यह फैसला उनके लिए किसी बड़े संकट की शुरुआत साबित हुआ।

सद्गुरु के प्रभाव में बदला जिंदगी का रास्ता

यह कहानी है एक ऐसे अभिनेता की, जो आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु के विचारों से बेहद प्रभावित थे। सद्गुरु के 'कॉशियस प्लैनेट' और मिट्टी बचाओ जैसे अभियानों ने इस कलाकार के भीतर एक गहरी छाप छोड़ी। उन्हें लगा कि आधुनिक चकाचौंध से दूर प्रकृति के करीब जाकर जीना ही असली जीवन है। इसी प्रेरणा के चलते उन्होंने अपने अभिनय करियर के उस मुकाम पर मुंबई छोड़ने का फैसला किया, जहां उन्हें लगातार काम मिल रहा था और वे आर्थिक रूप से सुरक्षित थे।

उन्होंने मुंबई के महंगे अपार्टमेंट और एयरकंडीशन स्टूडियो को छोड़कर एक शांत ग्रामीण इलाके में जमीन खरीदी। उनका सपना वहां ऑर्गेनिक फार्मिंग (जैविक खेती) करने और एक आत्मनिर्भर जीवन जीने का था। उन्हें लगा कि वे खेती के जरिए न सिर्फ खुद को प्रकृति से जोड़ेंगे, बल्कि समाज को भी एक नया रास्ता दिखाएंगे।

एक्टिंग छोड़ी, खेती अपनाई और फंस गए कर्ज के जाल में

किताबों और भाषणों में खेती जितनी सरल और आनंददायक लगती है, असल जिंदगी की जमीन पर उतनी ही कठिन साबित होती है। अभिनेता के पास अभिनय का तो लंबा अनुभव था, लेकिन खेती-किसानी की बारीकियों का उन्हें कोई व्यावहारिक ज्ञान नहीं था। मौसम की मार, मिट्टी की उर्वरता की समस्याएं, कीटों का प्रकोप और सही सिंचाई प्रणाली न होने के कारण उनकी फसलें बार-बार बर्बाद होने लगीं।

जैविक खेती के नाम पर उन्होंने शुरुआती दौर में भारी-भरकम निवेश किया था। महंगे उपकरण, आधुनिक तकनीक और मजदूरों का खर्च लगातार बढ़ता गया। चूंकि उन्होंने अपनी एक्टिंग से होने वाली नियमित कमाई पूरी तरह बंद कर दी थी, इसलिए उनके पास पूंजी का संकट खड़ा हो गया। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें अपनी खेती और जीवनयापन के लिए कर्ज लेना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कर्ज बढ़कर लगभग दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

संघर्षों भरा वर्तमान और एक कड़वा सबक

करोड़ों के कर्ज और फसल खराब होने के बाद इस अभिनेता की जिंदगी में उथल-पुथल मच गई। एक समय जो फैसला उन्हें मुक्ति का मार्ग लग रहा था, वह अब उनके लिए सबसे बड़ी मानसिक और आर्थिक चुनौती बन चुका है। हालांकि, उन्होंने अभी भी पूरी तरह हार नहीं मानी है और अपनी गलतियों से सीख लेकर खेती को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह सफर उनके लिए बेहद दर्दनाक रहा है।

यह घटना उन तमाम युवाओं और कलाकारों के लिए एक बड़ा सबक है जो बिना सोचे-समझे या बिना किसी ठोस योजना के अपनी स्थापित जिंदगी को छोड़कर पूरी तरह से राह बदलने का जोखिम उठा लेते हैं। प्रेरणा लेना अच्छी बात है, लेकिन बिना अनुभव के बड़े बदलावों के परिणाम कई बार बहुत भारी पड़ सकते हैं।


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गुंजा पांडेय

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Chief Sub Editor

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

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