उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक बेहद झकझोर देने वाली और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जिले के थाना सिंगाही क्षेत्र के सिंगहा कलां गांव में महज चार साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और आम जनता तथा स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। महज चंद सिक्कों का लालच देकर एक बुजुर्ग द्वारा इस कायराना हरकत को अंजाम दिए जाने के बाद से सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पड़ोस के ही बुजुर्ग ने दिया वारदात को अंजाम
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी और पीड़ित परिवार के बयानों के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे की है। चार साल की मासूम बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान, पीड़ित परिवार के ठीक सामने रहने वाला 60 वर्षीय बुजुर्ग वहां पहुंचा। उसने मासूम को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया और उसे महज पांच रुपये का लालच देकर अपने घर के अंदर खींच ले गया।
आरोपी बुजुर्ग बच्ची को अपने घर के पिछले हिस्से में बने बकरी के बाड़े में ले गया और वहां इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद बच्ची किसी तरह अपने घर वापस लौटी। उसकी शारीरिक स्थिति और खून से लथपथ कपड़ों को देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बदहवास और दर्द से कराह रही मासूम अपनी मां को आपबीती बताने की कोशिश कर रही थी, लेकिन तभी वह गहरे सदमे और दर्द के कारण बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी।
परिजनों ने दिखाई हिम्मत, पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। जब वे स्थिति का जायजा लेने और पूछताछ करने के लिए आरोपी के घर पहुंचे, तो उस दरिंदे ने अपनी गलती मानने के बजाय हाथ में फावड़ा उठा लिया और परिजनों को डराने-धमकाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजनों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए आपातकालीन सेवा डायल-112 पर पुलिस को फोन कर दिया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के घर की घेराबंदी की और उसे मौके से ही धर दबोचा। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए एंबुलेंस बुलाई और गंभीर रूप से घायल पीड़िता को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निघासन पहुंचाया। वहां के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है।
बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
मासूम बच्ची के साथ हुई इस खौफनाक दरिंदगी की खबर जंगल की आग की तरह पूरे गांव और आसपास के इलाकों में फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आक्रोशित परिजन इकट्ठा हो गए। लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। ग्रामीणों ने आरोपी के घर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गुस्साए लोगों की मांग थी कि जिस तरह इस बुजुर्ग ने मासूम की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया है, उसी तरह प्रशासन को तत्काल प्रभाव से उसके अवैध या पैतृक घर पर बुलडोजर चलवाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर को देखते हुए गांव में भारी तनाव पैदा हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख कई थानों की फोर्स और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
हिंदू संगठनों ने की एसपी से मुलाकात
इस घटना की गूंज केवल गांव तक सीमित नहीं रही, बल्कि जिला मुख्यालय तक पहुंच गई। विभिन्न हिंदू संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की। उन्होंने एक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जानी चाहिए और आरोपी को जल्द से जल्द फांसी या उम्रकैद की सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) निघासन शिवम कुमार ने मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:
- आरोपी की गिरफ्तारी: घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी बुजुर्ग को हिरासत में ले लिया है।
- मेडिकल और इलाज: पीड़िता को तत्काल चिकित्सीय परीक्षण और बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
- कानूनी कार्रवाई: परिजनों की लिखित तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
- कठोरतम सजा: पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और साक्ष्यों को संकलित कर अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी ताकि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिल सके।
समाज के लिए एक गहरी चिंता का विषय
इस प्रकार की घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था के समक्ष चुनौती पेश करती हैं, बल्कि हमारी सामाजिक ताने-बाने पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं। जब एक चार साल की मासूम बच्ची अपने ही पड़ोस में सुरक्षित नहीं है, तो यह हम सभी के लिए आत्ममंथन का विषय है। फिलहाल, पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात है, जबकि हर कोई उस मासूम की सलामती और जल्द स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है।