केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ दौरे से भाजपा की नगर निगम चुनाव की राह आसान हुई है। लंबित मुद्दों के समाधान और चुनावी रणनीति की पूरी जानकारी पढ़ें।
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। रविवार को अपने चंडीगढ़ दौरे के दौरान शाह ने शहर के वर्षों से लंबित और उलझे हुए मुद्दों को आगामी एक सप्ताह के भीतर हल करने का दावा किया है। इन मामलों की औपचारिक घोषणा प्रशासक गुलाब चंद कटारिया एक बड़े कार्यक्रम के दौरान करेंगे। शहर के बड़े वर्ग से जुड़े इन मुद्दों के समाधान का सीधा असर आगामी नगर निगम चुनाव पर पड़ने की संभावना है।
पुलिस लाइन में कोर कमेटी के साथ मैराथन बैठक
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने भाजपा के पूर्व मेयरों और कोर कमेटी के पदाधिकारियों के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण बैठक की। पुलिस लाइन मेस में सवा घंटे तक चली इस अनौपचारिक बैठक में अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह चंडीगढ़ को भारतीय जनता पार्टी का गढ़ बनाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नगर निगम चुनाव पार्टी के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव इसके बाद होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा।
बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा, प्रभारी महेंद्र पांडे, संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु, पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन और अरुण सूद सहित सभी प्रमुख पूर्व मेयर और पदाधिकारी मौजूद रहे। शाह ने नेताओं को निर्देश दिए कि वे बूथ स्तर पर पूरी ताकत से काम करें और चुनाव की घोषणा होते ही वह खुद दोबारा चंडीगढ़ का दौरा करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे चुनाव की प्रक्रिया और रणनीति पर उनकी सीधी नजर रहेगी।
मनोनीत पार्षदों और लाल डोरा पानी कनेक्शन पर बड़े संकेत
बैठक के दौरान मनोनीत पार्षदों (नॉमिनेटेड काउंसलर्स) के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। गृह मंत्री ने संकेत दिए कि व्यवस्था में मनोनीत पार्षदों का प्रावधान होना ही नहीं चाहिए, और यदि इन्हें रखा भी जाता है तो इसमें केवल सरकारी अधिकारियों को ही शामिल किया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में इस पर कोई बड़ा प्रशासनिक या नीतिगत निर्णय लिया जा सकता है।
इसके अलावा, गांवों में लाल डोरा से बाहर पानी के कनेक्शन न मिलने की समस्या को एक पूर्व मेयर ने उठाया। इस पर अमित शाह ने आश्वस्त किया कि इस विषय पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही लोगों को पानी के कनेक्शन मिलने शुरू हो जाएंगे। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया इस संबंध में अलग से घोषणा करेंगे।
राजनीतिक रणनीतियों और अन्य चर्चाओं पर फोकस
चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चा करते हुए शाह ने स्थानीय नेताओं से फीडबैक लिया। नेताओं ने बताया कि दोनों दल सीटों का बंटवारा कर चुनाव लड़ सकते हैं और एक-दूसरे के खिलाफ अपने प्रत्याशी न उतारने की रणनीति अपना सकते हैं। इस पर शाह ने कहा कि पंजाब में दोनों पार्टियां एक-दूसरे के विरोधी हैं, इसलिए इनकी सच्चाई जनता के सामने लाकर भाजपा को मजबूत करना होगा।
बैठक के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में सांसद मनीष तिवारी की कार्यप्रणाली पर भी बात उठी, जहां स्थानीय नेताओं ने उनके शहर में कम सक्रिय रहने का मुद्दा उठाया। वहीं, पूर्व मेयर चुनाव के विवादित घटनाक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर गृह मंत्री ने अनिल मसीह का जिक्र करते हुए कानूनी कार्रवाई की बात दोहराई।