धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने वरुणा नदी के पानी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरते हुए देखा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई और आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। मामला जैतपुरा थाना क्षेत्र के सरैया इलाके का है, जहां बघवा नाला के पास यह सनसनीखेज वाकया सामने आया है। शुरुआती तौर पर मृतक की उम्र करीब 35 वर्ष आंकी जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक एक पहेली बनी हुई है।
सुबह-सुबह टहलने निकले लोगों की पड़ी नजर
सोमवार का दिन वाराणसी के सरैया क्षेत्र के रहवासियों के लिए सामान्य नहीं रहा। सुबह करीब साढ़े दस बजे जब कुछ स्थानीय लोग वरुणा नदी के पास से गुजर रहे थे, तब उनकी नजर पानी में उतरा रहे एक शव पर पड़ी। इतनी सुबह इस तरह शव मिलने से इलाके में तुरंत सनसनी फैल गई। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
सूचना मिलते ही जैतपुरा थाने की पुलिस टीम बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस बल ने स्थानीय गोताखोरों और लोगों की मदद से शव को सुरक्षित बाहर निकलवाया। शव बाहर आने के बाद वहां मौजूद लोगों से उसकी शिनाख्त कराने की कोशिश की गई, लेकिन आसपास के किसी भी व्यक्ति ने मृतक को पहचानने से इनकार कर दिया। इससे साफ हो गया कि वह शख्स शायद उस इलाके का रहने वाला नहीं था या फिर शव कहीं दूर से बहकर वहां तक पहुंचा था।
पानी में बहकर आने की गहरी आशंका
मौके के हालातों को देखते हुए पुलिस और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह शव नदी के तेज या सामान्य बहाव के साथ बहकर बघवा नाला के पास तक पहुंचा होगा। हालांकि, अभी यह कह पाना मुश्किल है कि पानी में उतरने या गिरने से उसकी मौत हुई या इसके पीछे कोई और आपराधिक साजिश है। पुलिस तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
- मृतक की अनुमानित आयु लगभग 35 वर्ष बताई जा रही है।
- शव मिलने का स्थान जैतपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरैया (बघवा नाला के पास) है।
- मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
- पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक मौत के कारणों पर किसी भी तरह का निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। शरीर पर किसी गंभीर चोट के निशान हैं या नहीं, यह भी पोस्टमार्टम के दौरान ही डॉक्टरों के पैनल द्वारा स्पष्ट किया जाएगा।
गुमशुदगी के मामलों से हो रहा है मिलान
मृतक की पहचान स्थापित करना इस समय पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने आसपास के सभी थानों में पिछले कुछ दिनों में दर्ज हुई गुमशुदगी की रिपोर्टों को खंगालना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, वाराणसी कमिश्नरेट के अन्य थानों के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों को भी मृतक के हुलिया की जानकारी भेजी जा रही है, ताकि किसी परिवार के लापता सदस्य के बारे में कोई सुराग मिल सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया और थानों के रिकॉर्ड की मदद से मृतक की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जैसे ही पहचान से जुड़ा कोई भी ठोस क्लू हाथ लगेगा, आगे की कार्रवाई को और गति दी जाएगी। फिलहाल इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और हर कोई यही जानने को उत्सुक है कि आखिर वह बदनसीब शख्स कौन था और वरुणा नदी तक कैसे पहुंचा।