जापान में आयोजित पांचवें एशियन पैरा गेम्स-2026 में गाजियाबाद की पैरा एथलीट और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित सिमरन ने देश और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने प्रतियोगिता की 100 मीटर और 200 मीटर रेस में प्रथम स्थान प्राप्त कर दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। उनकी इस उपलब्धि से खेल जगत और प्रशासनिक हल्कों में हर्ष का माहौल है।
सिमरन वर्तमान में उत्तर प्रदेश के पंचायती राज विभाग में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के पद पर तैनात हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों का कुशलता से निर्वहन करने के साथ-साथ खेल के मैदान में उनकी यह सफलता युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर पंचायती राज विभाग के निदेशक धीरेंद्र सिंह सचान ने दूरभाष पर उनसे बातचीत कर हार्दिक बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
भव्य स्वागत की तैयारी और प्रशासनिक सम्मान
सिमरन की इस बड़ी उपलब्धि के मद्देनजर उनके स्वागत के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पंचायती राज निदेशक धीरेंद्र सिंह सचान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके आगमन पर उन्हें सम्मानपूर्वक रिसीव किया जाए। इसके बाद एक भव्य स्वागत समारोह के साथ उन्हें लखनऊ लाया जाएगा, ताकि उनकी इस शानदार उपलब्धि का उचित सम्मान किया जा सके।
निदेशक धीरेंद्र सिंह सचान, जो कि ओलंपिक एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट और उत्तर प्रदेश साइकिलिंग एसोसिएशन के चेयरमैन भी हैं, ने कहा कि सिमरन ने अपनी असाधारण प्रतिभा, कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ वह प्रशासनिक दायित्व संभाल रही हैं तो दूसरी तरफ खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उनका संघर्ष और समर्पण समाज में सकारात्मक प्रेरणा का संचार करता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिमरन का शानदार खेल सफर
सिमरन इससे पहले भी कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का परचम फहरा चुकी हैं। उनके खेल करियर के प्रमुख पड़ाव इस प्रकार हैं:
- पेरिस पैरालंपिक गेम्स-2024: इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कांस्य पदक जीता था।
- वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (2024 और 2025): इन दोनों वर्षों में आयोजित प्रतियोगिताओं में उन्होंने स्वर्ण और रजत पदक हासिल किए थे।
- टोक्यो पैरालंपिक गेम्स-2020: वह वर्ष 2020 के पैरालंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि सिमरन का यह सफर साबित करता है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। योगी सरकार द्वारा खेल और खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन का परिणाम है कि प्रदेश के युवा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार देश का नाम ऊंचा कर रहे हैं।