Breaking
► वाराणसी: यातायात प्रभारी नंदकिशोर मिश्रा ने गड्ढा भरवाकर टाली बड़ी दुर्घटना ► झारखंड में राजद का सांगठनिक विस्तार, वर्ष 2025-28 के लिए जिला प्रभारियों की नई सूची जारी ► कोसमी के आदिवासियों को राहत: तोड़े गए मकानों का पुनर्निर्माण और खेती की अनुमति ► भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अपोलो अस्पताल में भर्ती ► UN फोरम में गूंजा नासिक: 2030 तक हरित शहर और सिंहस्थ का खाका ► सुलतानपुर में किसानों के किराये पर दिए ट्रैक्टर और ट्रॉली बेचे जाने का आरोप, मुकदमा दर्ज ► IND-W vs ZIM-W T20: भारत ने जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हराया, मंधाना की कप्तानी में विजयी शुरुआत ► दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बने वीडियो गेम सोशल मीडिया पर वायरल ► काशी का अनोखा दुर्गा पंडाल: 259 साल से बिना विसर्जन विराजमान हैं मां ► अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रेस सचिव केटी जकारिया 5 दिन में पद से हटीं ► वाराणसी: यातायात प्रभारी नंदकिशोर मिश्रा ने गड्ढा भरवाकर टाली बड़ी दुर्घटना ► झारखंड में राजद का सांगठनिक विस्तार, वर्ष 2025-28 के लिए जिला प्रभारियों की नई सूची जारी ► कोसमी के आदिवासियों को राहत: तोड़े गए मकानों का पुनर्निर्माण और खेती की अनुमति ► भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अपोलो अस्पताल में भर्ती ► UN फोरम में गूंजा नासिक: 2030 तक हरित शहर और सिंहस्थ का खाका ► सुलतानपुर में किसानों के किराये पर दिए ट्रैक्टर और ट्रॉली बेचे जाने का आरोप, मुकदमा दर्ज ► IND-W vs ZIM-W T20: भारत ने जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हराया, मंधाना की कप्तानी में विजयी शुरुआत ► दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बने वीडियो गेम सोशल मीडिया पर वायरल ► काशी का अनोखा दुर्गा पंडाल: 259 साल से बिना विसर्जन विराजमान हैं मां ► अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रेस सचिव केटी जकारिया 5 दिन में पद से हटीं

अयोध्या 14 कोसी परिक्रमा मार्ग: नाका क्षेत्र के प्रभावितों को मिलेगा करोड़ों का मुआवजा, पुनर्वास पर भी बनी सहमति

अयोध्या 14 कोसी परिक्रमा मार्ग: नाका क्षेत्र के प्रभावितों को मिलेगा करोड़ों का मुआवजा, पुनर्वास पर भी बनी सहमति

अयोध्या में धार्मिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच आम नागरिकों के हितों का ध्यान रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के महत्वपूर्ण 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के दायरे में आने वाले नाका क्षेत्र के प्रभावित परिवारों और दुकानदारों के मुआवजे तथा पुनर्वास को लेकर सभी पक्षों के बीच आखिरकार सहमति बन गई है। इस ऐतिहासिक फैसले से उन तमाम परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिनके घर या दुकानें इस महत्वाकांक्षी परियोजना की वजह से आंशिक रूप से प्रभावित हुई थीं।

परियोजना के दायरे में आए भवन और दुकानें

स्थानीय प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के संरेखण (Alignment) के दौरान नाका क्षेत्र में कुल 08 भवन और उनके हिस्सों में संचालित लगभग 13 दुकानें प्रभावित हुई हैं। विकास कार्यों और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए यह मार्ग बेहद अहम है, लेकिन प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी नागरिक की आजीविका या आशियाने पर संकट न आए। प्रभावित भवन स्वामियों और दुकानदारों से प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार संवाद किया और आपसी सहमति के आधार पर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।

दो करोड़ से अधिक की मुआवजा राशि जारी

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रभावित भवन स्वामियों को कुल ₹2,17,15,611 (दो करोड़ सत्रह लाख पंद्रह हजार छह सौ ग्यारह रुपये) की भारी-भरकम मुआवजा राशि वितरित की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है और प्रभावितों की सहमति मिलने के बाद उनके बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। इसके साथ ही, स्थापित नियमों और प्रावधानों के तहत उन किराएदारों को भी मुआवजे का पूरा लाभ दिया जाएगा, जो इन परिसरों में लंबे समय से रह रहे हैं या अपना कारोबार चला रहे थे।

किसे कितना मिला मुआवजा? एक नजर में

प्रशासन द्वारा तैयार की गई लाभार्थी सूची के अनुसार, विभिन्न भवन स्वामियों और धारकों को उनकी संपत्ति के मूल्यांकन के आधार पर राशि आवंटित की गई है:

  • मुरारी सिंह यादव: ₹65,05,754
  • घनश्याम यादव: ₹69,46,026
  • रवीन्द्र कुमार: ₹9,11,794
  • अमरदीप / श्रीमती आशा देवी: ₹9,11,794
  • दीपचन्द्र गुप्ता / शक्ति गुप्ता: ₹19,19,566
  • श्यामल सुंदर यादव: ₹19,87,569
  • अन्य सभी पात्र लाभार्थियों जैसे अमित कुमार सिंह, श्रीमती प्रीती, मोहित यादव, श्रीमती पूनम गुप्ता, राजेन्द्र यादव, हरीराम यादव, रोहित यादव, गिरिराज पाल, अमर यादव, आनन्द यादव और नीलाम्बर को भी नियमानुसार राशि प्रदान की जा रही है।

व्यापारियों के पुनर्वास की पुख्ता व्यवस्था

केवल वित्तीय मुआवजा ही नहीं, बल्कि इस परियोजना में सबसे बड़ी चिंता व्यापारियों के भविष्य को लेकर थी। चौड़ीकरण की इस कार्रवाई से प्रभावित हुए पांच प्रमुख दुकानदारों के पुनर्वास के लिए भी प्रशासन ने ठोस योजना तैयार की है। सहमति के आधार पर इन दुकानदारों को नगर निगम या अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा निर्मित नई दुकानों में जगह उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा, नगर निगम द्वारा क्षेत्र में आधुनिक वेंडिंग जोन विकसित किए जाने की भी योजना है, ताकि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का व्यवसाय बिना किसी बाधा के दोबारा शुरू हो सके और उनकी रोजी-रोटी पर कोई संकट न आए।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की संयुक्त पहल

गौरतलब है कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के बाद नाका क्षेत्र के स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मुआवजे तथा पुनर्वास की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने खुद पहल की। उन्होंने प्रभावित परिवारों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कर इस पेचीदा मामले का व्यावहारिक समाधान निकाला।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने इस पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखते हुए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए थे कि सभी प्रभावितों को समयबद्ध तरीके से उनका हक मिलना चाहिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विकास कार्यों में गति बनी रहे और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा या मानसिक तनाव का सामना न करना पड़े।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बनी आम सहमति

इस पूरी समाधान प्रक्रिया के दौरान एडीएम सिटी दिनेश, एडीएम प्रशासन विशु राजा समेत कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी और प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे। सभी पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा हुई, जिसके बाद मुआवजे के वितरण और दुकानों के आवंटन की अंतिम रूपरेखा तैयार की गई।

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के इस त्वरित एवं संवेदनशील रुख की सराहना की है। अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों के बीच यह मॉडल इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रशासन और जनता के बीच संवाद बेहतर हो, तो किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को बिना किसी विरोध और सुगमता के जमीन पर उतारा जा सकता है।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →