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भारत के स्वतंत्रता दिवस पर ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा संदेश, रिश्तों को लेकर कही यह बड़ी बात

भारत के स्वतंत्रता दिवस पर ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा संदेश, रिश्तों को लेकर कही यह बड़ी बात

जब पूरा देश अपनी आजादी के जश्न में डूबा होता है, तो वैश्विक कूटनीति के पटल पर भी कई अहम संदेश तैरने लगते हैं। इस बार भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक ऐसा ही कूटनीतिक संदेश पश्चिम एशिया से आया है, जिसने दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक रिश्तों को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के तमाम नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

ईरान के राष्ट्रपति का खास संदेश: क्या हैं कूटनीतिक मायने?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की तरफ से यह बधाई संदेश भारत में स्थित ईरानी दूतावास के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया गया। कूटनीतिक हलकों में इस संदेश को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।

अपने आधिकारिक संदेश में ईरानी राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह समय भारत और ईरान के बीच के पारंपरिक और व्यापक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सबसे सुनहरा अवसर है। उन्होंने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान के माहौल को और प्रगाढ़ करने की इच्छा जताई है।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जड़ों पर जोर

भारत और ईरान के संबंध केवल आधुनिक कूटनीति या व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें सदियों पुरानी हैं। ईरानी राष्ट्रपति ने अपने संदेश में इस बात का विशेष रूप से जिक्र किया कि:

  • भारत और ईरान के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्ते रहे हैं।
  • दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच आपसी जुड़ाव बहुत पुराना और मजबूत है।
  • यह सांस्कृतिक विरासत भविष्य में दोनों देशों के साझा हितों को साधने के लिए एक मजबूत नींव का काम करती है।
"तेहरान भारत के साथ अपने व्यापक और मजबूत रिश्तों को भविष्य में और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर असरदार कदम उठाने को तैयार हैं।" - मसूद पेजेशकियान, राष्ट्रपति, ईरान

रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी का भविष्य

विशेषज्ञों का मानना है कि मसूद पेजेशकियान का यह बयान केवल एक औपचारिकता भर नहीं है, बल्कि यह भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को लेकर ईरान की गंभीरता को दर्शाता है। चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) और इंटरनेशनल नॉर्थ-सouth ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) जैसे प्रोजेक्ट्स के लिहाज से भारत और ईरान का तालमेल क्षेत्रीय स्थिरता और व्यापार के लिए बेहद जरूरी है।

ईरान के राष्ट्रपति ने संदेश के अंत में भारत की जनता के कल्याण, तरक्की और खुशहाली की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति और विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भारत को किस अवसर पर बधाई दी?

Ans: ईरानी राष्ट्रपति ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देशवासियों को बधाई दी।

Q2: यह बधाई संदेश किस माध्यम से भेजा गया?

Ans: यह बधाई संदेश भारत में स्थित ईरान के दूतावास के माध्यम से पीएम मोदी तक पहुंचाया गया।

Q3: भारत और ईरान के संबंधों में किन प्रोजेक्ट्स को सबसे अहम माना जाता है?

Ans: चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) और कूटनीतिक व क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के मुख्य केंद्र हैं।

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तनु उपाध्याय

तनु उपाध्याय

Senior Sub Editor

तनु उपाध्याय एंटरटेनमेंट जगत की हलचल को करीब से समझती हैं और उसे दर्शकों के सामने आकर्षक अंदाज में पेश करती हैं। फिल्मों, टीवी, ओटीटी और वायरल ट्रे...

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