बिहार के भोजपुर जिले में मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रक के भीतर बने गुप्त तहखाने से करीब 45 लाख रुपये की अवैध विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली और हरियाणा के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।
बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत यह सफलता मिली है। दशहरा पर्व के मद्देनजर भोजपुर जिला प्रशासन द्वारा अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ लगातार छापेमारी और वाहनों की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में उत्पाद विभाग को एक बड़ी खेप आने की गोपनीय सूचना मिली थी।
गुप्त सूचना के आधार पर बिहियां चौरास्ता पर की गई घेराबंदी
मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त रजनीश को सूचना मिली थी कि एक ट्रक के जरिए भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप बिहार लाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद निरीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। 19 अक्टूबर 2026 को मद्यनिषेध विभाग और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने बिहियां थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिहियां चौरास्ता मुख्य मार्ग पर वाहनों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के पंजीकरण नंबर (UP86AT-1928) वाले एक छह चक्का डीसीएम ट्रक को रोका गया। प्रारंभिक तलाशी में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जब टीम ने कड़ाई से जांच की तो ट्रक के भीतर एक बेहद शातिर तरीके से बनाया गया गुप्त तहखाने का खुलासा हुआ। इस गुप्त खाने के अंदर शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी।
विभिन्न ब्रांड और मात्रा में बरामद हुई शराब
उत्पाद विभाग के अनुसार, जब्त किए गए ट्रक से इम्पीरियल ब्लू व्हिस्की की कुल 14,040 बोतलें बरामद की गईं। शराब की इस खेप में अलग-अलग क्षमता की बोतलें शामिल थीं:
- 180 मिलीलीटर की 9,792 बोतलें
- 375 मिलीलीटर की 3,744 बोतलें
- 750 मिलीलीटर की 504 बोतलें
इन सभी बोतलों में भरी शराब की कुल मात्रा लगभग 3,544.56 लीटर आंकी गई है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है।
दिल्ली और हरियाणा के तस्कर गिरफ्तार
इस अवैध तस्करी के मामले में संयुक्त टीम ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुलवीर सिंह (निवासी नजफगढ़, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली) और सतीश कुमार (निवासी रोहतक, हरियाणा) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत सुसंगत धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इस संयुक्त छापेमारी दल में निरीक्षक अनिल कुमार के अलावा सहायक अवर निरीक्षक मदन लाल यादव, सहायक अवर निरीक्षक राणा विकास और मद्यनिषेध विभाग के सिपाही, सैप तथा गृह रक्षक बल के जवान शामिल थे। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर राज्य में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा ताकि शराब माफियाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।