झारखंड की राजधानी से सटे रामगढ़ जिले की सड़कों पर शुक्रवार को युवाओं और छात्र हितों को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। रोजगार की आस में बैठे राज्य के युवाओं के सब्र का बांध अब टूटने लगा है, और इसी असंतोष को मुखर करते हुए भारतीय जनता पार्टी की रामगढ़ जिला इकाई ने एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। यह प्रदर्शन महज़ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और नीतियों के खिलाफ युवाओं के सुलगते गुस्से की एक बानगी बन गया।
सनशाइन बैंक्वेट हॉल से समाहरणालय तक विरोध मार्च
शुक्रवार की सुबह से ही रामगढ़ के सनशाइन बैंक्वेट हॉल के पास कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया था। जिला अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, युवा और महिलाएं सड़कों पर उतरे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए जिला समाहरणालय की ओर मार्च किया।
इस दौरान पुलिस और प्रशासन के सुरक्षा इंतजाम भी कड़े नजर आए, लेकिन कार्यकर्ताओं का जोश और रोष इतना अधिक था कि उन्होंने डीसी और एसपी कार्यालय का घेराव कर डाला। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक युवाओं को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष यूं ही थमता नहीं नजर आएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का सरकार पर तीखा हमला
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रोजगार की उम्मीद में अपनी जवानी खपा रहे झारखंड के युवाओं के साथ खुला अन्याय हो रहा है।
मधु कोड़ा ने मांग उठाई कि जेएसएससी (JSSC) और जेपीएससी (JPSC) से जुड़े तमाम विवादित मामलों की निष्पक्ष जांच सीबीआई (CBI) से कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि विभिन्न परीक्षाओं और आंदोलनों के दौरान छात्रों पर लागाए गए तमाम फर्जी मुकदमे सरकार तत्काल प्रभाव से वापस ले, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी लड़ाई: रोशन लाल चौधरी
बड़कागांव के विधायक रोशन लाल चौधरी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड का युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने हुंकार भरी कि भारतीय जनता पार्टी छात्रों के अधिकारों और न्याय की यह लड़ाई केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सदन के पटल पर भी मजबूती से लड़ेगी। सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी।
प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने इस आंदोलन को एक वैचारिक लड़ाई बताते हुए कहा कि यह सिर्फ कुछ नौकरियों का सवाल नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के अधिकार और सम्मान की रक्षा का प्रश्न है। जिला प्रभारी सुरेंद्र कुमार महतो ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि छात्रहित के इस मुद्दे पर भाजपा का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिल जाता।
प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही बड़ी मौजूदगी
इस विशाल प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम में रामगढ़ जिले के कोने-कोने से पार्टी के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
- पूर्व जिला अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार गुप्ता
- चंद्रशेखर चौधरी
- रंजन फौजी
- डॉ. संजय प्रसाद सिंह
- प्रिया करमाली
- रूपा देवी
इन तमाम नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रशासनिक तंत्र को यह अहसास कराया कि जनता अब खामोश बैठने वाली नहीं है।
ज्ञापन सौंपने के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
समाहरणालय के घेराव और जोरदार प्रदर्शन के बाद भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल और सरकार के नाम एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच, सीबीआई जांच की संस्तुति, और आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं।
ज्ञापन सौंपने के साथ ही फिलहाल यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा झारखंड की राजनीति का एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।