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कश्मीर में मौसम का यूटर्न! गुरेज घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी, सफेद चादर में लिपटी काबुल गली

कश्मीर में मौसम का यूटर्न! गुरेज घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी, सफेद चादर में लिपटी काबुल गली

जम्मू-कश्मीर में मौसम ने अचानक एक ऐसा यूटर्न लिया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। सितंबर के शुरुआती दिनों में ही घाटी की फिजाओं में ठंडक घुल गई है और वजह बना है इस सीजन का पहला हिमपात (Snowfall)। उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले में स्थित खूबसूरत गुरेज घाटी और उसकी प्रसिद्ध काबुल गली बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है। इस अचानक हुई बर्फबारी ने जहां एक तरफ पर्यटकों के चेहरों पर खुशी ला दी है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों के लिए ठंड की आहट भी लेकर आई है।

अचानक बदले मौसम के तेवर, सितंबर में ही दिखा सर्दियों का असर

आमतौर पर कश्मीर में बर्फबारी के लिए अक्टूबर के आखिर या नवंबर के महीने का इंतजार किया जाता है, लेकिन इस बार सितंबर की शुरुआत में ही बादलों ने मेहरबान होते हुए पहाड़ों को सफेद रंग में रंग दिया है। बांदीपोरा के ऊंचाई वाले इलाकों, खासकर गुरेज सेक्टर की काबुल गली में हुई इस पहली बर्फबारी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। चारों तरफ फैली बर्फ की सफेद परत किसी खूबसूरत पेंटिंग जैसी नजर आ रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, लगातार हो रही हल्की बारिश और ऊंचे पहाड़ों पर तापमान में आई भारी गिरावट के चलते यह बर्फबारी दर्ज की गई है। जैसे ही काबुल गली की चोटियों पर बर्फ की फुहारें गिरीं, वैसे ही आसपास के मैदानी इलाकों में भी ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया। लोग एक बार फिर अपने गर्म कपड़े निकालते नजर आ रहे हैं।

गुरेज घाटी और काबुल गली की खूबसूरती

गुरेज घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे जंगलों और किशनगंगा नदी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यह एक ऐसा इलाका है जो अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। अब जब यहां सीजन की पहली बर्फबारी हो चुकी है, तो इस क्षेत्र की खूबसूरती कई गुना बढ़ गई है।

  • पर्यटकों की बढ़ी दिलचस्पी: इस बेमौसम बर्फबारी की खबर फैलते ही ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
  • स्थानीय जनजीवन: अचानक ठंड बढ़ने से स्थानीय लोगों की दिनचर्या में बदलाव आया है, हालांकि वे इस खूबसूरत मौसम का पूरा आनंद ले रहे हैं।
  • कृषि और बागवानी: जानकारों का मानना है कि सितंबर में इस तरह की बर्फबारी से स्थानीय सेब और अन्य बागवानी फसलों पर हल्का असर पड़ सकता है, जिस पर कृषि विभाग की नजर है।

घाटी में बढ़ी ठंड, लोगों ने निकाले गर्म कपड़े

श्रीनगर समेत घाटी के कई अन्य हिस्सों में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। सुबह और शाम के वक्त चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को सितंबर के महीने में ही दिसंबर जैसी ठंड का अहसास कराना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में लोग सुबह-शाम अलाव का सहारा लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।

प्रशासन और स्थानीय आपदा प्रबंधन दल भी पूरी तरह से मुस्तैद हो गए हैं ताकि यदि आने वाले दिनों में मौसम ज्यादा खराब होता है, तो किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। हालांकि, फिलहाल पर्यटक इस सुहाने और बर्फीले मौसम का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं और सोशल मीडिया पर गुरेज घाटी की इन खूबसूरत तस्वीरों और वीडियो को तेजी से साझा किया जा रहा है।

आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का यह मिजाज बना रह सकता है। बीच-बीच में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के साथ ऊपरी इलाकों में छिटपुट हिमपात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। यदि आप भी इन दिनों कश्मीर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अपने साथ पर्याप्त मात्रा में गर्म ऊनी कपड़े रखना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि पहाड़ों की यह ठंड अब रंग दिखाने लगी है।

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अनुराधा दुबे

अनुराधा दुबे

Content Writer

अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

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