पंजाब के सराय बंजारा स्टेशन के पास कर्मभूमि एक्सप्रेस (12508) में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सभी 1500 से अधिक यात्री सुरक्षित बाहर निकाले गए।
अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाली कर्मभूमि एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12508) में पंजाब के सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के पास एक बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन के डिब्बों में अचानक आग लगने और धुआं उठने के बाद मची अफरा-तफरी के बीच गनीमत यह रही कि इस भीषण घटना में सभी 1500 से अधिक यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के भी हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) और अंबाला के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना आज (6 नवंबर 2026) की है। ट्रेन जब सराय बंजारा स्टेशन के पास से गुजर रही थी, तभी उसके डिब्बों में अचानक आग की लपटें और धुआं दिखाई देने लगा।
ऑटोमैटिक सेफ्टी सिस्टम और सूझबूझ से बची जान
घटना के दौरान ट्रेन में लगे ऑटोमैटिक सेफ्टी सिस्टम ने तुरंत काम करना शुरू कर दिया, जिससे ट्रेन को समय रहते रोक लिया गया। इसके साथ ही यात्रियों ने भी विपरीत परिस्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ का परिचय दिया। समय रहते सभी यात्री ट्रेन से उतरकर पास के खेतों की तरफ सुरक्षित निकल गए, जिससे लगभग 1500 से अधिक यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।
चार डिब्बे हुए प्रभावित, रेलवे स्टाफ ने दिखाई तत्परता
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आग सबसे पहले ट्रेन के इंजन से पांचवें जनरल कोच में लगी थी। उस समय चल रही तेज हवाओं के कारण आग की लपटें तेजी से फैलीं और कुल चार डिब्बों को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, मौके पर मौजूद रेलवे स्टाफ ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए आग की चपेट में आए डिब्बों को शेष ट्रेन से अलग कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई से आग को पूरी ट्रेन में फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
वैकल्पिक ट्रेन और उच्च स्तरीय जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। दुर्घटना से प्रभावित हुए सभी यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान न्यू जलपाईगुड़ी तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए पास के स्टेशन से एक विशेष वैकल्पिक ट्रेन का तुरंत इंतजाम किया गया, जिससे यात्रियों को आगे की यात्रा में अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रारंभिक तौर पर इस दुर्घटना के पीछे का कारण इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फिर भी, आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए रेलवे ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।