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अबू धाबी में ₹3.85 करोड़ का बिका दुर्लभ सफेद बाज, कीमत उड़ा देगी होश!

अबू धाबी में ₹3.85 करोड़ का बिका दुर्लभ सफेद बाज, कीमत उड़ा देगी होश!

अबू धाबी की चकाचौंध भरी दुनिया में इन दिनों एक ऐसी नीलामी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जिसके बारे में जानकर आम आदमी के होश उड़ सकते हैं। जी हां, खाड़ी देशों में पालतू जानवरों और खासकर शिकारी पक्षियों (फाल्कन) का शौक कितना महंगा और शाही होता है, इसकी एक बानगी हाल ही में देखने को मिली है। अबू धाबी इंटरनेशनल हंटिंग एंड इक्वेस्ट्रियन एग्जिबिशन (ADIHEX) 2026 के दौरान एक बेहद दुर्लभ और पूरी तरह से सफेद रंग के बाज ने नीलामी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस अनोखे पक्षी को खरीदने के लिए खरीदारों के बीच होड़ मच गई और अंततः यह रिकॉर्ड तोड़ 1.5 मिलियन दिरहम यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से लगभग 3.85 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ।

अल्ट्रा व्हाइट गियर गार्मूशा नस्ल का है यह नायाब परिंदा

जानकारों के अनुसार, यह कोई आम बाज नहीं है, बल्कि यह बेहद खास और दुर्लभ Ultra White Pure Gyr Garmousha नस्ल का बाज का बच्चा है। इसकी भव्यता और शुद्धता ने पक्षियों के शौकीनों को दीवाना बना दिया है। इस बाज की उत्पत्ति को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक यह संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिष्ठित 'मार्क मोग्लिच फाल्कन फार्म' (Mark Moglich Falcon Farm) से ताल्लुक रखता है। इस फार्म के पक्षी अपनी बेहतरीन नस्ल और शारीरिक बनावट के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं।

इस सफेद बाज की शारीरिक विशेषताओं की बात करें तो इसका वजन लगभग 1 किलोग्राम है और इसकी लंबाई करीब 16.5 इंच मापी गई है। इसका पूरी तरह से दूध जैसा सफेद रंग इसे अन्य सामान्य बादामी या भूरे रंग के बाजों से बिल्कुल अलग और अनूठा बनाता है। मध्य पूर्व के देशों में फाल्कनरी (बाज पालन) सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि वहां की प्राचीन संस्कृति और शाही विरासत का एक अहम हिस्सा है। यही वजह है कि बेहतरीन नस्ल और अनोखे रंग वाले इन पक्षियों के लिए शाही घराने और अमीर शौकीन पानी की तरह पैसा बहाने से पीछे नहीं हटते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अंकल और भतीजी का वीडियो

इस बहुचर्चित नीलामी और प्रदर्शनी के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं। एडीहेक्स (ADIHEX) 2026 के इस वायरल फुटेज में एक युवा फाल्कन उत्साही लड़की शैखा अल मंसूरी अपने अंकल के साथ नजर आ रही हैं। वीडियो में शैखा बेहद आत्मविश्वास के साथ पक्षियों के प्रति अपने लगाव और ज्ञान के बारे में बात करती दिख रही हैं। जब उनसे पूछा जाता है कि उन्हें बाज और अन्य पक्षियों के बारे में इतनी बारीकियां किसने सिखाई हैं, तो उनका जवाब तुरंत आता है- "मेरे अंकल ने।"

वीडियो में उनके पास खड़े उनके अंकल भी गर्व से मुस्कुराते हुए नजर आते हैं और पुष्टि करते हैं कि वह ही शैखा को इन शानदार पक्षियों की दुनिया से रूबरू करा रहे हैं। इंटरनेट पर यह वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स दोनों के बीच के प्यारे रिश्ते और कम उम्र में ही वन्यजीवों व पक्षियों के प्रति शैखा के समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

क्या सचमुच अंकल ने तोहफे में दिया ₹3.85 करोड़ का बाज?

जैसे ही 1.5 मिलियन दिरहम के इस महंगे बाज की नीलामी और शैखा अल मंसूरी का वीडियो एक साथ इंटरनेट पर आया, सोशल मीडिया पर अटकलों और दावों का दौर शुरू हो गया। कई प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जाने लगा कि शैखा के अंकल ने उनकी इच्छा को पूरा करने के लिए ही दुनिया के इस सबसे दुर्लभ और महंगे सफेद बाज को इतनी भारी-भरकम कीमत पर खरीदकर उन्हें तोहफे में दिया है।

हालांकि, जब इस वायरल वीडियो और नीलामी के आधिकारिक तथ्यों की बारीकी से जांच की गई, तो यह बात सामने आई कि वीडियो फुटेज से इस बात की पुष्टि नहीं होती है कि वही 1.5 मिलियन दिरहम वाला बाज शैखा के लिए खरीदा गया था या नहीं। वीडियो में मुख्य रूप से शैखा अपनी पक्षियों में रुचि और अपने परिवार से मिले मार्गदर्शन के बारे में बात कर रही हैं। इसके बावजूद, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस भव्य प्रदर्शनी में करोड़ों रुपये के इस सफेद बाज की बिक्री अपने आप में एक ऐतिहासिक घटना रही है, जिसने पूरी दुनिया की मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है।

फाल्कनरी का बढ़ता क्रेज और खाड़ी देशों की संस्कृति

अरब देशों में बाज पालन का इतिहास सदियों पुराना है। रेगिस्तानी इलाकों में शिकार के लिए बाजों को प्रशिक्षित करना वहां की संस्कृति की रीढ़ माना जाता है। आज के आधुनिक दौर में भी इस परंपरा को उतने ही शाही अंदाज में जीवित रखा गया है। ADIHEX जैसी प्रदर्शनियां हर साल दुनिया भर के ब्रीडर्स, शिकार प्रेमियों और वन्यजीव विशेषज्ञों को एक मंच पर लाती हैं। यहां करोड़ों रुपयों में बिकने वाले ये बाज केवल एक पक्षी नहीं होते, बल्कि इन्हें स्टेटस सिंबल और लग्जरी लाइफस्टाइल का प्रतीक माना जाता है।

बहरहाल, ₹3.85 करोड़ की कीमत में बिके इस सफेद बाज ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शौक की कोई कीमत नहीं होती। चाहे बात इस नायाब परिंदे की हो या फिर शैखा अल मंसूरी और उनके अंकल के बीच पक्षियों के प्रति प्रेम की, यह पूरा वाकया सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में फाल्कनरी की दुनिया में इसके चर्चे लंबे समय तक गूंजते रहेंगे।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer (स्थानीय खबरें)

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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