वाराणसी की धरती ने एक बार फिर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी काशी की बेटी सुमेधा पाठक अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अचूक निशानेबाजी का जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आगामी 16 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक जापान में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित पैरा एशियन गेम्स में सुमेधा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस महामुकाबले में वह एयर पिस्टल स्पर्धा में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के कड़े इरादे के साथ मैदान में उतरेंगी।
दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में पसीना बहा रहीं सुमेधा
जापान रवाना होने से पहले सुमेधा इन दिनों अपनी खेल प्रतिभा को और अधिक धार देने में जुटी हैं। वह नई दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित प्रसिद्ध डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में अपने कोच जे.पी. नौटियाल के सख्त मार्गदर्शन और देखरेख में अभ्यास कर रही हैं। कोच की पैनी नजर और सुमेधा की एकाग्रता को देखकर खेल प्रेमियों को पूरी उम्मीद है कि इस बार जापान से तिरंगा जरूर लहराएगा।
सुमेधा के पिता बृजेश पाठक ने जानकारी दी है कि दिल्ली में कड़े प्रशिक्षण सत्र को पूरा करने के बाद पूरी टीम 14 अक्टूबर को जापान के लिए प्रस्थान करेगी। जापान पहुँचकर सुमेधा का पूरा ध्यान केवल अपने खेल और एयर पिस्टल प्रतियोगिता में पदक पर रहेगा। इस बार जापान में होने वाली इस बहुप्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए भारत की ओर से 13 सदस्यीय मजबूत दल भेजा जा रहा है, जिसमें सुमेधा भी शामिल हैं।
कोरिया में रजत पदक जीतकर बढ़ाया था देश का मान
सुमेधा पाठक का यह अंतरराष्ट्रीय सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है। पिछले ही महीने उन्होंने दक्षिण कोरिया में आयोजित 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था। कोरिया की धरती पर तिरंगा फहराकर उन्होंने काशी के साथ-साथ पूरे देश का नाम रोशन किया था। उस सफलता के बाद से ही उनके हौसले सातवें आसमान पर हैं और अब जापान के एशियन गेम्स में उनसे देश को और अधिक उम्मीदें बंध गई हैं।
लॉकडाउन के दौरान पिता ने घर में ही तैयार कर दी थी शूटिंग रेंज
हर सफल खिलाड़ी के पीछे एक ऐसा संघर्ष होता है जो उसे आम से खास बनाता है। सुमेधा की यह कहानी भी कुछ ऐसी ही अनूठी है। जब कोरोना महामारी के दौरान पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ था और सभी खेल परिसर बंद थे, तब सुमेधा की खेल के प्रति असीम लगन को देखते हुए उनके पिता बृजेश पाठक ने घर पर ही एक मिनी शूटिंग रेंज का निर्माण करवा दिया था। बिना एक पल गंवाए सुमेधा ने उसी होम रेंज में लगातार अभ्यास जारी रखा। पिता का यह समर्थन और सुमेधा की दिन-रात की मेहनत का ही परिणाम है कि आज वह इस मुकाम तक पहुँच पाई हैं।
अब तक जीत चुकी हैं 19 पदक
कम उम्र और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सुमेधा ने अपनी जिद और मेहनत के दम पर कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं। अपने अब तक के खेल करियर में वह कुल 19 पदक अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्हें विभिन्न मंचों पर उनकी खेल उपलब्धियों के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों और सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।
इस नवरात्रि जापान के लिए रवाना होंगी सुमेधा
दुर्गाकुंड के मानस नगर की रहने वाली सुमेधा की यह यात्रा इस पावन नवरात्रि के खास अवसर पर शुरू हो रही है। शहरवासियों और परिजनों में इस बात को लेकर खासा उत्साह है कि शक्ति की आराधना के इन दिनों में काशी की यह बेटी जापान की भूमि पर देश की ताकत का अहसास कराएगी।
प्रमुख बिंदु:
- प्रतियोगिता का स्थान: जापान
- आयोजन तिथि: 16 अक्टूबर से 24 अक्टूबर
- स्पर्धा: एयर पिस्टल शूटिंग
- कोच: जे.पी. नौटियाल
- प्रशिक्षण स्थल: डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज, तुगलकाबाद, नई दिल्ली
- कुल पदक (अब तक): 19
पूरा देश इस समय सुमेधा पाठक के साथ खड़ा है। हर किसी की जुबान पर बस यही दुआ है कि काशी की यह होनहार बेटी जापान के मैदान पर अपने सटीक निशाने से देश के लिए इतिहास रचे और तिरंगे की शान को दुनिया भर में बुलंद करे।