बिहार के सुपौल जिले से एक बार फिर शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की सख्ती का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद अवैध कारोबार के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। ताजा मामला जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप बरामद की है। इस सफल ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक शातिर तस्कर को भी दबोचने में कामयाबी हासिल की है, जिससे पूछताछ के आधार पर कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
लगातार चौथे दिन पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन
स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा पिछले चार दिनों से अवैध शराब तस्करों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत राघोपुर थाना पुलिस को एक बड़ी और पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने बिना देर किए अपनी रणनीति तैयार की और बताए गए ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस की इस लगातार कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि जब तक इस अवैध धंधे से जुड़े आखिरी शख्स तक कड़ी कार्रवाई नहीं पहुंच जाती, तब तक यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा।
सिमराही के गांधीनगर में स्टोर रूम से मिला जखीरा
पुलिस को यह सफलता नगर पंचायत सिमराही के अंतर्गत आने वाले गांधीनगर वार्ड नंबर-08 में मिली। यहां एक मकान के पीछे बने स्टोर रूम को शराब छुपाने का सेफ हाउस बनाया गया था। जब पुलिस ने वहां धावा बोला, तो भारी मात्रा में विदेशी शराब की पेटियां देखकर हैरान रह गए। पुलिस की विधिवत तलाशी के दौरान स्टोर रूम से विभिन्न नामी-गिरामी ब्रांड्स की कुल 360 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। इस बड़ी खेप के मिलने से साफ जाहिर होता है कि यहां किसी बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार की रूपरेखा तैयार की जा रही थी।
मौके से दबोचा गया मुख्य तस्कर
छापेमारी के दौरान जब पुलिस बल ने उक्त घर को घेरा, तो वहां मौजूद एक व्यक्ति की नीयत डोल गई। पुलिस को अपनी ओर आते देख उसने तुरंत पीछे के रास्ते से भागने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने अपनी तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए खदेड़कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गांधीनगर वार्ड नंबर-08 के रहने वाले सोरभ आनंद उर्फ लल्लू प्रधान (32 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस हिरासत में उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उसके अन्य साथियों का भी सुराग मिल सके।
किन-किन ब्रांड्स की शराब हुई बरामद?
राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय के नेतृत्व में इस पूरी छापेमारी को अंजाम दिया गया। उनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बरामद की गई शराब की बोतलों और पेटियों में कई प्रीमियम और लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं। इस खेप में मुख्य रूप से निम्नलिखित ब्रांड्स की बोतलें पाई गईं:
- ऑफिसर्स चॉइस एलीट व्हिस्की
- रॉयल स्टैग और सिग्नेचर
- ब्लेंडर्स प्राइड
- हेवर्ड्स 5000 प्रीमियम स्ट्रॉन्ग बीयर
- विभिन्न प्रकार की वोदका और बकार्डी
इन सभी ब्रांड्स की मौजूदगी यह साबित करती है कि यह खेप काफी महंगे और सुनियोजित तरीके से मंगवाई गई थी, जिसे स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी।
पश्चिम बंगाल कनेक्शन का शक
पुलिस के शुरुआती अनुसंधान और तकनीकी विश्लेषण में एक बहुत ही चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। बरामद की गई शराब की बोतलों पर विशेष तौर पर 'पश्चिम बंगाल में बिक्री के लिए' अंकित पाया गया है। इस बात से प्रबल संभावना जताई जा रही है कि इस अवैध खेप को सुदूर पश्चिम बंगाल से तस्करी के जरिए बिहार की सीमा में दाखिल कराया गया था। राज्य में शराबबंदी के बाद से दूसरे राज्यों से अवैध तस्करी के कई नए रूट सक्रिय हो गए हैं, जिन पर अब सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है।
प्राथमिकी दर्ज और आगे की कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर राघोपुर थाना में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि पश्चिम बंगाल से इस खेप को लाने में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे कौन सा बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। गिरफ्तार आरोपी सोरभ आनंद से पूछताछ के आधार पर पुलिस कई अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की तैयारी कर रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इस तरह के अभियानों को लगातार जारी रखा जाए, तो क्षेत्र में पनप रहे अपराधियों और तस्करों के हौसले पूरी तरह पस्त हो जाएंगे।