उत्तराखंड के संदर्भ में दिए गए बयान पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के उत्तराखंड संबंधी बयान को बेहद आपत्तिजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल अमर्यादित और भद्दा है, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड और वहां की रक्षा में जुटे वीर सैनिकों का सीधा अपमान भी है। रुड़की के दौरे के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी नेतृत्व पर पुराने और नए बयानों को लेकर जमकर निशाना साधा।
रुड़की में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिए तीखे तेवर
रविवार को रुड़की के दिल्ली रोड स्थित ओम बिहार कॉलोनी में व्यवसायी नवीन त्यागी के आवास पर पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सपा संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से पिता ने अलग राज्य आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों पर गोलियां चलवाकर गहरे जख्म दिए थे, उसी राह पर चलते हुए अब बेटा उन पर नमक छिड़कने का काम कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड वीर जवानों और सैनिकों की भूमि है। देश की सरहदों की रक्षा करते हुए यहां के अनेक जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है। ऐसे में प्रदेश को लेकर इस प्रकार की टिप्पणी करना उन सभी बलिदानियों का अपमान है जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। आचार्य कृष्णम ने मांग की कि अखिलेश यादव को अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव को अपनी पत्नी से भी माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि वह भी उत्तराखंड की ही बेटी हैं।
विपक्ष और राहुल गांधी पर राजनीतिक प्रहार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष पर सवाल उठाते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उनके दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा 13 करोड़ लोगों के वोट कटने का जो दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह आधारहीन है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि वे ऐसे कम से कम 13 लोगों को ही सामने लाकर दिखा दें जिनके वोट काटे जाने का दावा किया जा रहा है।
राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी वर्ष 2029 ही नहीं, बल्कि वर्ष 2039 तक भी देश की सत्ता में वापसी नहीं कर पाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कामकाज से देश लगातार आगे बढ़ रहा है और आम लोग प्रधानमंत्री के नेतृत्व व विकास कार्यों की सराहना कर रहे हैं।