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देहरादून से महज ढाई घंटे दूर इस हिल स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़, सभी होटल-होमस्टे फुल

देहरादून से महज ढाई घंटे दूर इस हिल स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़, सभी होटल-होमस्टे फुल

उत्तराखंड की हसीन वादियों में बसा एक ऐसा हिल स्टेशन, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत माहौल के लिए जाना जाता है, इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है। राजधानी देहरादून से महज ढाई घंटे की दूरी पर स्थित चकराता में इन दिनों सैलानियों का तांता लगा हुआ है। गांधी जयंती की छुट्टी और इसके साथ मिले मेगा वीकेंड ने इस पहाड़ी कस्बे की रौनक को कई गुना बढ़ा दिया है। स्थिति यह है कि यहां के तमाम होटल, होमस्टे, रिसॉर्ट और गेस्ट हाउस पूरी तरह बुक हो चुके हैं, जिससे पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।

गुरुवार रात से ही शुरू हो गया था पर्यटकों का आना

लंबी छुट्टियों और वीकेंड के इस बेहतरीन कॉम्बिनेशन का लाभ उठाने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से सैलानी गुरुवार की रात से ही चकराता पहुंचना शुरू हो गए थे। शुक्रवार सुबह होते-होते यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार हो गए। सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें और होटलों में कमVरों की पूछताछ इस बात की गवाही दे रही थी कि लोगों के बीच इस ऑफबीट हिल स्टेशन का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, कुछ साल पहले तक चकराता का कारोबार केवल गर्मियों के मुख्य सीजन तक ही सीमित रहता था। साल के बाकी महीनों में यहां सन्नाटा पसरा रहता था, लेकिन पिछले कुछ समय से ट्रेंड में बड़ा बदलाव आया है। अब हर छोटे-बड़े वीकेंड और लंबी छुट्टियों के दौरान यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, जिससे सालभर पर्यटन गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही हैं।

इन खूबसूरत जगहों पर उमड़ी सबसे ज्यादा भीड़

शुक्रवार को चकराता के चप्पे-चप्पे पर पर्यटकों का उत्साह साफ नजर आया। सैलानियों ने प्रकृति के करीब समय बिताने के लिए विभिन्न प्रसिद्ध स्थलों का रुख किया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • टाइगर फॉल: पानी के गिरते और कलकल करते झरने के पास पर्यटकों की सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली।
  • देववन: घने देवदार के जंगलों के बीच ठंडी हवा और शांति का आनंद लेने के लिए युवा और परिवार यहां पहुंचे।
  • कोटी कनासर और मोहिला टॉप बुग्याल: हरियाली से भरे इन विशाल मैदानों में पर्यटकों ने फोटोग्राफी और कैंपिंग का लुत्फ उठाया।
  • चिलमिरी टॉप और किमोना फॉल: सनसेट देखने और ट्रैकिंग के शौकीन युवाओं के लिए यह जगहें आकर्षण का केंद्र रहीं।
  • मुंडाली: अपने अल्पाइन दृश्यों के लिए मशहूर इस जगह पर भी सैलानियों का तांता लगा रहा।

कारोबारियों के खिले चेहरे, अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार

होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों और स्थानीय व्यवसायियों ने बताया कि इस मेगा वीकेंड के कारण क्षेत्र के अधिकांश होटल, होमस्टे, रिसॉर्ट और गेस्ट हाउस पूरी तरह पैक हैं। हालात यह हैं कि आने वाले रविवार तक के लिए भी एडवांस बुकिंग मिल चुकी है। पर्यटकों की इस रिकॉर्ड आमद से केवल होटल मालिकों को ही फायदा नहीं हो रहा, बल्कि इसका सीधा सकारात्मक असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

टैक्सी चालकों, छोटे रेस्टोरेंट संचालकों, ढाबा मालिकों और स्थानीय पहाड़ी उत्पादों (जैसे शहद, राजमा, और हस्तशिल्प) का कारोबार करने वाले स्थानीय लोगों को भी इस बंपर टूरिज्म का भरपूर लाभ मिल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की भीड़ से पूरे क्षेत्र के आर्थिक पहिये तेजी से घूमने लगे हैं.

वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सुविधाओं की आस

चकराता क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या इस बात का प्रमाण है कि लोग अब भीड़भाड़ वाले पारंपरिक हिल स्टेशनों की बजाय शांत और प्राकृतिक जगहों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। हालांकि, इस बढ़ती मांग के साथ ही बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जाने लगी है।

पर्यटन विशेषज्ञों और स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि यदि चकराता और उसके आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था, बेहतर सड़कों का नेटवर्क, और पर्यटकों के लिए एडवेंचर एक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं को और उन्नत कर दिया जाए, तो यह क्षेत्र देश के चुनिंदा टॉप ईयर-राउंड टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स में अपनी मजबूत जगह बना सकता है। फिलहाल, इस मेगा वीकेंड ने चकराता की आबोहवा और यहां के कारोबारियों के दिलों में एक नई ऊर्जा भर दी है, जो आने वाले दिनों में पर्यटन उद्योग के लिए बेहद शुभ संकेत माना जा रहा है।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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