तटीय इलाकों में 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ (Cyclone Arnab) अब आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार, इस चक्रवात के तट से टकराने के दौरान भारी से अति भारी बारिश होने और 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तीव्र रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इस संभावित आपदा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
तूफान की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन क्षेत्रों के प्रशासनिक विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन टीमों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जा रहा है ताकि प्रभावित होने वाले नागरिकों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
रेल और परिवहन सेवाएं प्रभावित
सुरक्षा के व्यापक प्रबंधों के तहत भारतीय रेलवे ने एहतियाती कदम उठाते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई महत्वपूर्ण रूटों पर चलने वाली 60 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके अलावा सड़क यातायात और अन्य परिवहन सेवाओं पर भी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी यात्री को जोखिम भरे मार्गों से न गुजरना पड़े।
शैक्षणिक संस्थान बंद
चक्रवात के संभावित भारी असर और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रभावित जिलों में सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों को आगामी आदेशों तक बंद कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर ही रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
क्या है ‘अरनब’ नाम का अर्थ?
मौसम विज्ञान परंपरा के अनुसार इस चक्रवाती तूफान का नामकरण बांग्लादेश द्वारा किया गया है। बंगाली भाषा में ‘अरनब’ शब्द का शाब्दिक अर्थ ‘महासागर’ या ‘समुद्र’ होता है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले इस तरह के चक्रवातों की निगरानी लगातार मौसम विभाग द्वारा की जा रही है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।